पुरानी (Old) पेंशन स्कीम क्या है? क्या नई पेंशन स्कीम है इससे बेहतर

राजस्थान सरकार ने अपने बजट घोषणा मे राज्य के कर्मचारियों के लिए वापस पुरानी पेंशन लागू करने की घोषणा की है। वर्तमान मे जो पेंशन योजना चल रही थी वो नई पेंशन योजना थी। हमारे इस लेख मे आप जानेंगे कि पुरानी पेंशन स्कीम और नई पेंशन स्कीम में क्या अंतर है? और क्या पुरानी पेंशन नई पेंशन से बेहतर है? आईये जानते है इसके बारे मे विस्तार से –

पुरानी पेंशन योजना क्या है?

राजस्थान, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में कर्मचारियों के लिए पुरानी पेशन योजना फिर से लागू कर दी है। इसके आलावा पंजाब, तमिलनाडु और झारखण्ड जैसे राज्यों मे ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की तैयारी की जा रही है। कहा जा रहा है कि पुरानी पेंशन स्कीम, नई पेंशन से काफी ज्यादा अच्छी है। इन दोनों पेंशन के बारे मे विस्तार से समझने के लिए पहले इन दोनों के अंतर के समझना होगा।

पुरानी पेंशन योजना

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पुरानी पेंशन और नई पेंशन योजना मे अंतर –

अंतर कर आधार पुरानी पेंशन नई पेंशन योजना
कटौती सैलरी मे कटौती नही सैलरी मे कटौती
पेंशन का आधार सरकार पेंशन देती है शेयर बाज़ार के आधार पर पेंशन
जीपीएफ GPF की सुविधा जीपीएफ की सुविधा नही
कितनी पेंशन लास्ट सैलरी की आधी कोई निच्छित नही

कटौती – पुरानी पेंशन मे सैलरी मे किसी भी तरह की कोई कटौती नही होगी, वही नई पेंशन मे एक निच्छित राशि सैलरी से काटी जायेगी।

पेंशन का आधार – पुरानी पेंशन योजना मे पेंशन का आधार यह होता है की इसमे पेंशन सरकार देती है। जबकि नई पेंशन योजना मे शेयर बाज़ार की स्तिथि के आधार पर पेंशन दी जाती है।

जीपीएफ – पुरानी पेंशन के आधार पर इसमे जीपीएफ की सुविधा दी जाती है जबकि नई पेंशन योजना मे जीपीएक जैसी कोई सुविधा नही है।

कितनी पेशन दी जाती है – पुरानी पेंशन योजना के तहत कर्मचारी की लास्ट सैलरी की आधी सैलरी दी जाती है वही नई पेंशन योजना के तहत कितनी पेंशन मिलेगी इसका कोई निच्छित आधार नही है।

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क्या नई पेंशन स्कीम है इसमे बेहतर –

इन दोनों पेंशन योजना मे कौनसी पेंशन बेहतरीन है और नही, इसके बारे मे हम कह सकते है की जिस हिसाब से इन दोनों पेंशन मे अंतर है तो उसके हिसाब से कहा जा सकता है की पुरानी पेंशन काफी बेहतरीन है। राजस्थान सरकार ने इस पुरानी पेंशन को लागू करने के लिए जो की कर्मचारियों को काफी भा रही है।

पुरानी पेंशन योजना को बेहतरीन माना जा रहा है, इसका सबसे बड़ा कारण है की इसमे कई तरह के फायदे है जिनका लाभ कार्मिक ले सकते है। पुरानी पेंशन योजना को नई पेंशन योजना के मुकाबले बेहतर मानी जा रही है।

पेंशन का सरकारों पर बोझ –

अगर कोई सरकार पेंशन लागू करती है तो उसका सरकार पर किस तरह से प्रभाव और बोझ पड़ता है जिसे की सरकार कार्मिकों को पेंशन दे पाती है। यह है कुछ प्रभाव –

  • ऐसा माना जाता है की जितना टेक्स एक राज्य के टैक्स पेयर टैक्स भरता है उसका लगभग 30 प्रतिशत केवल कार्मिकों को पेंशन देने मे ही चला जाता है।
  • इसके अलावा अगर इसमे पुरानी पेंशन जुड़ जाती है तो इसमे 20 प्रतिशत तक का खर्च और बढ़ जाएगा।
  • इसके अलावा केरल राज्य मे टेक्स की कुल कमाई का लगभग 46 प्रतिशत पेंशन मे ही जाती है।

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पेंशन के फायदे –

  • अगर कोई कारणवस किसी पेंशन धारक की मृत्यु हो जाती है तो उस स्तिथि मे उस पेंशन का हकदार उसका परिवार मे उसकी पत्नी, या उसका पति होगा।
  • रिटायरमेंट मे समय कार्मिक की जो भी सैलरी होती है उसकी आधी उस कार्मिक को पेंशन के तौर पर दी जाती है।
  • पुरानी पेंशन मे पेंशन की राशि निच्छित होती है जबकि नई पेंशन मे इस तरह की कोई राशि निच्छित नही होती है।
  • इसके अलावा ओल्ड पेंशन योजना मे जनरल प्रोविडेंट फण्ड की सुविधा दी जाती है।
  • पुरानी पेंशन योजना के तहत किसी भी तरह की कोई कटौती नही की जाती है।

पुरानी पेंशन कब बहाल होगी?

राजस्थान मे राज्य सरकार ने इस तरह की पेंशन की घोषणा तो की गई है परन्तु इसे अब तक लागू नही किया गया है। यह एक प्रोसेस है जिसके बाद ही इसे लागू किया जाएगा। ऐसा माना जाता है की इस वित्त वर्ष के अंदर ही इसे लागू किया जा सकता है।

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