सौर स्वरोजगार योजना 2022, खेतों में सोलर प्लांट लगाकर कमायें पैसे

सौर स्वरोजगार योजना की शुरुआत 8 अक्टूबर 2020 को उत्तराखंड सरकार द्वारा की गयी थी। यह योजना राज्य में प्रवासी कामगारों और युवाओं को ग्रीन एनर्जी सेक्टर (सौर ऊर्जा) में स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के लिए तैयार की गयी है। जो किसान भाई इस योजना के तहत सोलर प्लांट अपने बंजर जमीन में इनस्टॉल करवाना चाहते हैं वे इस लेख में दी गयी जानकारियां पूरा पढ़ सकते हैं।

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना 2022 –

सौर स्वरोजगार योजना, उत्तराखंड सरकार द्वारा सौर ऊर्जा क्षेत्र में शुरू की गयी एक महत्वकांक्षी पहल है। यह योजना जहाँ ग्रीन एनर्जी सेक्टर में राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में वृद्धि करेगी, वहीं लगभग 10 हजार बेरोजगार प्रवासी कामगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए अवसर भी प्रदान करेगी।

सौर स्वरोजगार योजना

प्रदेश का अधिकांश क्षेत्र पर्वतीय होने के कारण यहाँ के निवासियों एवं कृषकों को रोजगार/व्यवस्था के समुचित साधन उपलब्ध न होने से कृषकों द्वारा अपनी भूमि का समुचित उपयोग नही किया जा पा रहा है जिससे कृषि खेती बंजर हो रही है। ऐसे लघु एवं सीमान्त कृषकों तथा राज्य के बेरोजगार निवासियों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान किये जाने तथा ऐसी भूमि जो कृषि योग्य नहीं है, पर सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना कर उत्पादित विदुत को यू0पी0सी0एल0 को विक्रय करने से आय के साधन विकसित कराने हेतु प्रोत्साहित करना है।

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योजना का नाम मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना
कब शुरू हुई 8 अक्टूबर 2020
किसने शुरू किया त्रिवेन्द्र सिंह रावत ( CM Uttarakhand )
मंत्रालय सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय
राज्य उत्तराखंड
उद्देश्य बेरोजगार प्रवासी कामगारों और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना। साथ ही सौर उर्जा के प्रयोग से बिजली उत्पादन को बढ़ावा देना।
ऑफिसियल वेबसाइट msy.uk.gov.in

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मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना कैसे काम करती है? –

इस योजना के अंतर्गत 25 किलोवाट क्षमता के सौर उर्जा सयंत्र ( सोलर पॉवर प्लांट ) लगाने की अनुमति है। जिसे पूरे उत्तराखंड में कोई भी इच्छुक युवा, कृषक या प्रवासी कामगार अपनी निजी या भाड़े पर ली गयी भूमि पर लगा सकता हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया नीचे दी गयी है।

मुख्यमंत्री सौर उर्जा स्वरोजगार योजना 2020 के तहत उत्तराखंड सरकार इच्छुक युवाओं को बैंकों से लोन भी दिलाएगी। इसके लिए लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने जिला स्तर पर मौजूद जिलाधिकारियों (डीएम) से बात की है। इसका मतलब सभी जिलाधिकारी अपने क्षेत्र के प्राइवेट और कॉर्पोरेट बैंकों से लोन दिलाने में मदद करेंगे।

लाभार्थियों के लिए खुशी की बात यह कि बैंकों द्वारा लिया गया लोन चुकाने की अवधि 15 साल होगी। साथ ही सीमान्त जिलों में उत्तराखंड सरकार 30 प्रतिशत, पर्वतीय जिलों में 25 प्रतिशत और अन्य जिलों में 15 प्रतिशत अनुदान देगी। लेकिन बैंक लोन राशि पर 8 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर निर्धारित है।

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मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना उत्तराखंड के उद्देश्य –

दोस्तों जैसा कि आप सब जानते हैं कि उत्तराखंड पर्वतीय क्षेत्रों वाला राज्य है। यहाँ रोजगार के आधुनिक संसाधन और खेती दोनों उपयुक्त जमीन न होने के कारण लोगों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है। उत्तराखंड सरकार लघु और सीमान्त किसानों व बेरोजगार युवाओं के लिए सौर स्वरोजगार योजना के तहत अपनी खाली पड़ी जमीन पर सोलर पॉवर प्लांट लगा कर अच्छी खासी कमाई करने का मौका दे रही है। इससे राज्य में बिजली उत्पादन में भी बढ़ोत्री होगी और लोगों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। मोटे तौर पर योजना के निम्न उद्देश्य हैं –

  • कोरोना के कारण बेरोजगार हुए प्रवासी कामगारों और युवाओं को स्वरोजगार देना।
  • राज्य से पलायन कर रहे युवाओं को बेहतर काम मुहैय्या करवाना।
  • खाली पड़ी बंजर जमीन का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना।
  • प्रदेश में हरित उर्जा का बड़े स्तर पर उत्पादन करवाना।
  • सोलर पॉवर प्लांट की मदद से फल, सब्जी, मौन पालन आदि करके अतिरिक्त लाभ अर्जित करना।

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मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना की खास बातें –

  • सौर स्वरोजगार योजना हरित उर्जा और स्वरोजगार दोनों को बढ़ावा देती है।
  • योजना के लाभार्थियों को 25 किलोवाट के उर्जा सयंत्रों का आवंटन किया जायेगा।
  • सरकारी अनुमान के मुताबिक इस योजना से बिजली उत्पादन में 38000 यूनिट प्रतिवर्ष की वृद्धि होगी।
  • लाभार्थियों के सौर सयंत्रों की सारी बिजली उत्तराखंड पॉवर कारपोरेशन अगले 25 सालों तक खरीदेगी।
  • सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय इस योजना को जिलेवार व्यवस्थित करने के लिए प्रयासरत है।
  • इच्छुक उद्यमी योजना के अंतर्गत कुल लागत का 70 प्रतिशत लोन जिला सहकारी बैंकों से ले सकता है।
  • सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक सौर स्वरोजगार योजना के तहत स्वरोजगार शुरू करने के लिए कम से कम 2 से 2.5 लाख रुपये की पूँजी लाभार्थी को लगानी होगी। हालांकि 25 किलो वाट का सोलर सयंत्र लगाने के लिए 10 लाख तक की पूंजी भी लग सकती है।

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मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना उत्तराखंड ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 2021

दोस्तों सौर स्वरोजगार योजना के तहत सोलर एनर्जी सयंत्र लगाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जानने से पहले इन दस्तावेजों का होना आवश्यक है –

आवेदक के लिए जरुरी आवश्यक दस्तावेज व पात्रता –

  • आधार कार्ड
  • बैंक अकाउंट
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र आदि
  • आयु 18 वर्ष से अधिक
  • उत्तरखंड का निवासी हो
  • बेरोजगार हो।

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सौर उर्जा स्वरोजगार के लिए आवेदन प्रक्रिया –

उत्तराखंड सरकार की इस योजना का ऑनलाइन आवेदन करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें –

  • सबसे पहले योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा।
  • वेबसाइट के होम पेज पर पंजीकरण बटन पर क्लिक करें। (यदि आपने पंजीकरण नहीं किया है तो)

Saur Swarojgar Yojana Uttarakhand

  • पंजीकरण बटन पर क्लिक करते ही पजीकरण फॉर्म कुल जायेगा जिसे ठीक से भरें।
  • पंजीकरण सफल हो जाने के बाद आपके पास लॉग इन यूजर नाम और पासवर्ड मिल जायेगा।
  • अब पुनः होम होम स्क्रीन के ऑनलाइन आवेदन करें बटन को क्लिक करें।
  • अब लॉगइन फॉर्म में अपना यूजरनेम और पासवर्ड डालें और लॉग इन करें
  • अब आवेदन फॉर्म आपको दिखेगा। उसमे अपनी सभी जरुरी जानकारियां भरें और मांगे गए दस्तावेज अपलोड करके आवेदन को पूर्ण करें।

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उत्तराखंड सौर स्वरोजगार योजना के लाभ –

  • उत्तराखंड के वे युवा जो इस समय बेरोजगार हैं, उनके पास इस योजना से सीधा लाभ पाने का अच्छा मौका है।
  • जो प्रवासी कामगार कोरोना के कारण अब अपने घर लौट आयें हैं वे सौर स्वरोजगार योजना से अपना उद्योग शुरू कर सकते हैं। सरकार भी स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता दे रही है।
  • राज्य के लगभग 10 हजार युवाओं को अपना सोलर सयंत्र खोल कर बिजली बेचने का अच्छा मौका है।
  • यह योजना उत्तराखंड के लोगों को बिजली आपूर्ति में सहायता करेगी।
  • सोलर प्लांट के आस पास आप ग्रीन फार्मिंग के द्वारा खेती भी कर सकते हैं।
  • राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। और बेरोजगारी का स्तर कम होगा।

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