आत्मनिर्भर भारत अभियान क्या है? – Aatm Nirbhar Bharat Abhiyan 2021

दोस्तों आपने आत्म निर्भर भारत अभियान का नाम तो सुना ही होगा। इस लेख में हम इसकी अभियान के बारे में विस्तार से जानेंगे। अगर आप भी आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत से लेकर अब भारत सरकार द्वारा उठाये गए क़दमों और लॉच की गयी योजनाओं के बारे में जानना चाहते हैं तो इस लेख के साथ बने रहिये।

आत्म निर्भर भारत अभियान क्या है?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्म निर्भर भारत अभियान की शुरुआत 12 मई 2020 को हुई थी। इस अभियान का लक्ष्य भारत को चिकित्सा, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक, खिलौने, कृषि जैसे क्षेत्रों में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। जिससे भारत न सिर्फ विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन सके बल्कि बड़े स्तर पर निर्यात भी करने में सक्षम हो।

इस अभियान की शुरुआत करते समय प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की थी, जो कि भारत की कुल जीडीपी का लगभग 10 प्रतिशत होता है। अब तक आत्मनिर्भर भारत अभियान को तीन चरणों में लागू किया गया है –

  1. आत्म निर्भर भारत 1.0
  2. आत्म निर्भर भारत 2.0
  3. आत्म निर्भर भारत 3.0

केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान विभिन्न योजनाओं और चुनौतियों से निपटने के लिए इन तीनों चरणों में राहत पैकेज की घोषणा की थी। इन चरणों में लायी गयी योजनाओं और सरकार द्वारा उठाये गए कदमों के बारे में नीचे बताया गया ही।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के मुख्यबिंदु –

  • आत्मनिर्भर भारत अभियान का अर्थ है – हमें जिन वस्तुवों और संसाधनों की आवश्यकता है, उन्हें भारत में भी तैयार करने की क्षमता होनी चाहिए।
  • ये अभियान सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और विभिन्न वर्गों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए चलाया जा रहा ही।
  • कोरोना महामारी को एक समस्या के रूप में नहीं बल्कि एक अवसर के रूप में लेकर भारत को Self Reliant बनाना इस अभियान का लक्ष्य है।
  • हम अपने देश के टैलेंट को समझें, बेहतर उत्पादन और सप्लाई चैन को मजबूत बनायें, यही आत्मनिर्भर भारत अभियान का उद्देश्य है।
  • आत्मनिर्भर भारत अभियान का मतलब ये नहीं है कि भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से अलग होना चाहता है, बल्कि इस अभियान से भारत अन्य देशों को बड़े स्तर पर सामानों की आपूर्ति करने में भी सक्षम बनना चाहता है।
  • इस अभियान को सक्रियता देने के लिए Vocal for the Local फार्मूले को अपनाया जाएगा। जिससे हमारे देश के लोकल ब्रांड्स को भी बड़ा बनने में मदद मिलेगी।
  • आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत जारी किये गए 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज से गरीबों, प्रवासी कामगारों, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योगों सपोर्ट किया जायेगा।

5 Pillars of Aatmnirbhar Bharat Abhiyan –

भारत को Self Reliant बनाने के लिए इन पांच स्तंभों को मजबूत बनाया जाएगा –

  1. अर्थव्यवस्था (Economy)
  2. अवसंरचना (Infrastructure)
  3. प्रौद्योगिकी (Technology)
  4. गतिशील जनसांख्यिकी (Vibrant Demography)
  5. मांग (Demand)

तो चलिए अब जानते हैं कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तीन चरणों की बड़ी घोषणाएं और फैसले क्या रहे –

1. आत्म निर्भर भारत 1.0

कोरोना महामारी को देखते हुए आत्म निर्भर भारत अभियान के पहले चरण में केंद्र सरकार ने 1.75 लाख करोड़ का राहत पैकेज घोषित किया था। इस राहत पैकेज को गरीब कल्याण राहत पैकेज नाम दिया गया था। इस चरण में देशवाशियों को निम्नलिखित लाभ मिले –

  • 80 करोड़ देशवाशियों को नवम्बर 2020 तक फ्री राशन (एक देश एक राशन कार्ड योजना)
  • मनरेगा मजदूरी बढ़ाना
  • मेडिकल टीम को 50 लाख रुपये का बीमा कवर
  • पीएम किसान की पांचवीं किश्त
  • विधवाओं, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों 3 महीने तक 1 हजार रुपये
  • उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को फ्री गैस सिलिंडर
  • महिला जन धन खाता धारकों को 1500 रुपये
  • स्वयं सहायता समूहों की लोन लेने की सीमा 20 लाख तक
  • 15 हजार से कम सैलरी पाने वाले PF खाता धारकों को मदद

2. आत्म निर्भर भारत 2.0 

आत्मनिर्भर भारत अभियान के दूसरे चरण को 12 अक्टूबर 2020 को शुरू किया गया। इस चरण में देश के विभिन्न क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए राहत पैकेज का उपयोग हुआ।

3. आत्म निर्भर भारत 3.0

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 12 नवम्बर 2020 को देश की अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए कोरोना काल के तीसरे सबसे बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया था। 2.65 लाख करोड़ के इस राहत पैकेज को आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत Atmanirbhar Bharat Package 3.0 के नाम से पेश किया गया है। इस राहत पैकेज के तहत रोजगार, कृषि समेत कोरोना महामारी से प्रभावित 26 अन्य क्षेत्रों के लिए 12 बड़ी घोषणाएं की गयी हैं। जो कि इस प्रकार हैं –

किसानों को उर्वरक में सब्सिडी –

दीपावली के पहले किसानों के लिए मोदी सरकार ने अच्छी खबर दी है। क्यों की Atmanirbhar Bharat Package 3.0 में 65 हजार करोड़ रुपये का उपयोग फर्टिलाइजर सब्सिडी (Fertilizer subsidy) के लिए किया जायेगा। जिससे अच्छी पैदावार के लिए प्रयुक्त होने वाली खादों के दाम कम हो जायेंगे। मोदी सरकार का मानना है कि उर्वरकों में मूल्य में कमी आने से देश के 14 करोड़ किसान आत्मनिर्भर बनेंगे। आप इस बारे में क्या सोंचते हैं नीचे अपनी राय लिख सकते हैं।

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की शुरुआत –

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत 1 मार्च 2020 से लेकर 30 सितंबर 2020 के बीच में जिन लोगों की नौकरी चली गयी थी। उन्हें इस योजना के तहत रोजगार और आर्थिक मदद दी जाएगी। Atmanirbhar Bharat Rozgar Yojana में सभी EPFO से जुड़ी कम्पनियाँ शामिल की गयी हैं। लाभार्थी मासिक वेतन यदि 15 हजार से कम है तो उसे इस योजना का लाभ मिलेगा। यह लाभ मासिक वेतन और भविष्य निधि खाते में आर्थिक मदद के द्वारा किया जा सकता है।

इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम की सीमा बढ़ी –

इस योजना का लाभ 61 लाख से जादा छोटे उद्यमियों को होगा। क्यों कि अब इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम की सीमा 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दी गयी है। आपको बता दें, इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मई में की थी। इस योजना के तहत मुद्रा योजना में कर्ज लेने वाले उद्यमियों को 3 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता राशि को मंजूरी दी गयी थी। अब इसे 2.05 लाख और बढ़ा दिया गया है।

प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना को बढ़ावा –

आत्मनिर्भर भारत के तीसरे राहत पैकेज में मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना को अतिरिक्त 18 हजार करोड़ रूपए दिए हैं। इससे शहरों में घर बनवाने वाले और घर खरीदने वाले 30 परिवारों को फायदा होगा। वित्त मंत्री का मानना है कि इस सहायता राशि से 78 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

निर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र को राहत –

निर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में भाग लेने वाले ठेकेदारों को अब सिर्फ 3 प्रतिशत की सुरक्षा राशि ही जमा करनी पड़ेगी। यह इससे पहले 10 प्रतिशत थी। यह योजना दिसंबर 2021 तक लागू रहेगी। इससे निर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में तेजी से विकास होने की सम्भावना है।

घर खरीदने वालों को आयकर छूट –

इस राहत पैकेज में घर बनाकर बेंचने वाले और घर खरीदने वालों को आयकर में छूट देने का ऐलान किया गया है। इसमें दो करोड़ रूपए की आवासीय इकाइयों को पहली बार बेचने पर छूट का प्रावधान है। सर्कल मूल्य और एग्रीमेंट मूल्य का अंतर पहले 10 प्रतिशत था अब 20 प्रतिशत कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना को वित्तीय सहायता –

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना के तहत मनरेगा और सड़क निर्माण से रोजगार पाने वाले मजदूरों के लिए अच्छी खबर है। इसमें सरकार ने 10 हजार करोड़ की अतिरिक्त सहायता राशि देने का फैसला लिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों का विकास तेजी से होने की सम्भावना है।

राष्ट्रीय निवेश और बुनियादी ढांचा कोष को सहायता –

देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए देशी और विदेश निवेश को बढ़ावा देना अति आवश्यक है। इसलिए राष्ट्रीय निवेश और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों कोष को 6 हजार करोड़ का एक्वेटी पैकेज दिया गया है।

विदेशी निर्यात को बढ़ावा –

आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य विदेशी आयात को कम करना और विदेशी निर्यात को बढ़ाना है। इसलिये Atmanirbhar Bharat Package 3.0 में सरकार एक्जिम बैंक को तीन हजार करोड़ रुपये का लाइन ऑफ़ क्रेडिट दिया है। आप को बता दें एक्जिम बैंक आयातकों और निर्यातकों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

कोरोना रिसर्च और वैक्सीन निर्माण के लिए फंड का ऐलान –

कोरोना महामारी के कारण ही देश की अर्थव्यवस्था को इतना बड़ा धक्का लगा है। इसलिए मोदी सरकार ने कोरोना रिसर्च और महामारी के स्थायी समाधान के लिए 900 करोड़ रूपए देने का फैसला लिया गया है। इससे देश में जल्द ही कोरोना वैक्सीन उपलब्ध होने की सम्भावना है।

क्रेडिट गारेंटी स्कीम की शुरुआत –

स्वास्थ्य और कोरोना प्रभावित अन्य क्षेत्रों के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम 2.0 शुरू की गयी है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को इस योजना का लाभ मिलेगा। कर्ज लेने वाली कंपनियों को इस स्कीम के तहत 50 करोड़ से 500 करोड़ तक की सहायता दी जाएगी।

उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना की शुरुआत –

घरेलू विनिर्माण क्षेत्रों में उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन को बढ़ावा देने के लिये 1.46 लाख करोड़ का प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव दिया जाएगा। इन क्षेत्रों में दूर संचार, वाहन निर्माण, औषधि निर्माण, समेत 10 क्षेत्र शामिल किये गए है। इससे नए रोजगार और अर्थव्यवस्था के पटरी पर आने की उम्मीद जतायी जा रही है।

आत्म निर्भर भारत अभियान का उद्देश्य 

दोस्तों कोरोना महामारी के कारण भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के सभी देश प्रभावित हुए है। कोरोना लॉक डाउन के कारण देश में करोड़ों लोगों की नौकरियां छूट गयी हैं। और हजारों उद्योग धंधे भी मंद हो गए हैं। ऐसे में मोदी सरकार, आत्म निर्भर भारत अभियान के तहत अब तक तीन आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा कर चुकी है। इन सभी योजनाओं और आर्थिक सहायता का लक्ष्य देश में मंद अर्थव्यवस्था को तेज करना है। जिससे भारत में रोजगार, विदेशी निर्यात, जीडीपी बढ़ सके।

मोदी सरकार के इन प्रयासों से क्या अर्थव्यवस्था में कोई सुधार होगा? आप अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं।

आत्मनिर्भर भारत पोर्टल पर नया पंजीकरण करने की प्रक्रिया –

  • सबसे पहले आत्मनिर्भर भारत अभियान की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाएँ
  • होम पेज के टॉप राईट कार्नर में आपको Register लिंक पर क्लिक करना होगा।
  • अगले पेज में पंजीकरण फॉर्म भरें, यहाँ आपको आपका नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर आदि दर्ज करके Create New Account पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप आत्मनिर्भर भारत अभियान के पोर्टल पर पंजीकृत हो जायेंगे।

आत्मनिर्भर भारत पोर्टल पर लॉगिन करें –

रजिस्ट्रेशन के बाद आत्मनिर्भर भारत पोर्टल पर लॉग इन कर सकेंगे। इसके लिए आप सबसे पहले अधिकारिक वेबसाइट पर जायेंगे। और लॉग इन लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद अपने यूजरनाम और पासवर्ड की मदद से लॉग इन करलें।

————– महत्वपूर्ण लिंक्स ———–

आत्मनिर्भर भारत ऑफिसियल पोर्टल Direct Link
आत्म निर्भर भारत पैकेज 3.0 PDF Download link
नया पंजीकरण Click Here
लॉग इन लिंक Click Here

 

अन्य पढ़ें ————————

खादी अगरबत्ती आत्मनिर्भर मिशन 

नरेगा पेमेंट लिस्ट कैसे देखें?

जल शक्ति अभियान: Catch the Rain क्या है?

जाने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना क्या है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *