डिजीलॉकर » डिजिटल लॉकर लॉगिन, ऐप डाउनलोड, डॉक्यूमेंट अपलोड डिटेल्स

इस लेख में हम भारत सरकार के डिजीलॉकर सर्विस के बारे में सब कुछ जानेंगे। दोस्तों अगर आप भी जानना चाहते हैं कि डिजिटल लॉकर क्या है? और इसका अच्छी तरह उपयोग कैसे किया जाय? तो इस आर्टिकल में हमारे साथ बने रहिये। यहाँ हमने Digi Locker Login, Signup, Document upload जैसी सभी प्रक्रियाओं और सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया है।

डिजीलॉकर है क्या?

आपको बतादें कि डिजीलॉकर, भारत सरकार द्वारा चलाया गया एक प्रोग्राम है, जिसके तहत लोगों को फ्री में ऑनलाइन क्लाउड स्टोरेज दिया जाता है। भारत का कोई भी नागरिक डिजीलॉकर पर अपना खाता बनाकर अपने जरुरी दस्तावेजों को ऑनलाइन सहेज सकता है। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में की थी, इसे डिजिटल लाकर भी कहते हैं।

जिस प्रकार आप और हम से लगभग सभी लोग गूगल ड्राइव का इस्तेमाल करते हैं, ठीक उसी प्रकार डिजीलॉकर भी काम करता है। बस फर्क इतना है कि भारत सरकार ने डिजीलॉकर में कुछ अच्छी चीजें और जोड़ दी हैं जैसे –

  1. आधार कार्ड से जोड़ना
  2. KYC करने में मान्यता देना
  3. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा मैनेज करना
  4. विश्वसनीयता और विशेष सुरक्षा
  5. पासपोर्ट सेवा के साथ जोड़ना, आदि।

डिजीलॉकर की खास बातें –

DigiLocker प्रोग्राम, डिजिटल इंडिया मिशन के अंतर्गत काम करता है। इसका उद्देश्य देश में भौतिक (Physical) रूप में दस्तावेजों के उपयोग को कम से कम करके नागरिकों में डिजिटल सशक्तिकरण मुहैया करवाना है। साथ ही सरकार द्वारा जारी ई-हस्ताक्षर और ई-दस्तावेजों की प्रमाणिकता सुनिश्चित करके फर्जी दस्तावेजों के उपयोग को ख़त्म करना और आम लोगों के लिए सरकारी सेवाएं आसान बनाना है।

डिजिटल लाकर निम्नलिखित खास बातें हैं –

  • DigiLocker का उपयोग करने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है।
  • डिजिटल लाकर का उपयोग करने वाला व्यक्ति अपने दस्तावेजों को देश-दुनिया में कहीं भी एक्सेस कर सकता है।
  • एक DigiLocker अकाउंट धारक को अपने डाक्यूमेंट्स स्टोर करने के लिए 1 GB का क्लाउड स्पेस मिलता है।
  • यह लोगों के डिजिटल डाक्यूमेंट्स के वॉलेट के रूप में कार्य करता है।
  • DigiLocker System में स्टोर किये गए दस्तावेज, IT Act, 2000 & Rule 9A (8 फरवरी 2017) के अनुसार ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स के रूप में मान्य हैं।

डिजिटल लाकर पर किस प्रकार की सुविधाएँ उपलब्ध हैं?

भारत सरकार के डिजिटल लाकर सिस्टम की सुविधाएँ आम नागरिकों के साथ साथ विभिन्न एजेंसियों को भी दी गयी हैं।

नागरिकों के लिए सुविधाएँ (लाभ) –

  • इसकी मदद से जरुरी कागजात कहीं भी देखें और उपयोग किये जा सकते हैं।
  • ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स की तरह digilocker के दस्तावेज सरकारी विभागों में सत्यापित किये जा सकते हैं।
  • अपनी सहमति के अनुसार डिजिटल दस्तावेजों का आदान प्रदान किया जा सकता है।
  • डिजिलॉकर की मदद से रोज़गार, वित्तीय समावेशन, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी लाभ आसानी से प्राप्त किये जा सकते हैं।

एजेंसियों के लिए सुविधाएँ –

  • डिजिलॉकर के वजह से अब ऑफिसियल वर्क लोड कम हो पाता है।
  • फर्जी दस्तावेजों के द्वारा धोखाधड़ी से छुटकारा मिलता है।
  • दस्तावेजों का ऑनलाइन सुरक्षित आदान प्रदान सम्भव हो पाता है।
  • सरकारी एजेंसियों को दस्तावेजों के प्रमाणीकरण में आसानी हो पाती है।

डिजिलॉकर पर नया अकाउंट कैसे बनायें?

डिजिटल लाकर का उपयोग करने के लिए सबसे पहले नया अकाउंट बनाना पड़ता है। इसके लिए आपके पास ये जानकारियां होनी चाहिए –

  • आधार कार्ड
  • मोबाइल नंबर
  • नाम
  • ईमेल आईडी
  • जन्म तिथि

आपको बता दें, Digi Locker का उपयोग करने के लिए आधार कार्ड का मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य है। बिना आधार वेरिफिकेशन के डिजिटल लाकर का उपयोग नहीं कर पाएंगे।

ऐसे करें डिजिलॉकर में साइनअप –

  • नया अकाउंट बनाने के लिए सबसे पहले Digilocker.gov.in वेबसाइट पर जायें।
  • वेबसाइट के होम पेज पर दाहिनी साइड में दिख रहे Sign up आप्शन पर क्लिक करें।

डिजीलॉकर

  • इसके बाद आपके सामने रजिस्ट्रेशन करने का फॉर्म खुल जायेगा। यहाँ आपको अपना नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, आधार कार्ड नंबर और 6 अंको का सिक्यूरिटी पिन डालना होगा।
  • इसके बाद Submit बटन पर क्लिक करके मोबाइल पर आये OTP को यहाँ दर्ज करें।

digilocker sign up form

what is Digi Locker

तो इस प्रकार आपको नया डिजीलॉकर अकाउंट बन जायेगा।

डिजिटल लॉकर लॉगिन –

नए पंजीकरण के बाद आपको लॉग इन करने के लिए digilocker पोर्टल के होम पेज Sign in बटन पर क्लिक करना होगा। लॉग इन करने के लिए आपके पास दो विकल्प दिखेंगे –

  • मोबाइल या आधार नंबर के साथ Pin की मदद से
  • Username के साथ Pin की मदद से

लॉग इन करने के बाद आप अपने डिजी लाकर डैशबोर्ड पर आ जायेंगे।

डिजिटल लॉकर में दस्तावेजों को कैसे अपलोड करें –

लॉग इन करने के बाद आप central government और state government द्वारा जारी किये जाने वाले डाक्यूमेंट्स को ऑनलाइन देख और digilocker में सेव भी कर सकते हैं। एक बार सेव करने के बाद इसे बार बार अपलोड करने की आवश्यकता नहीं है।

डिजिटल लॉकर में इन इन दस्तावेजों को ऑनलाइन सेव किया जा सकता है –

  1. आधार कार्ड
  2. ड्राइविंग लाइसेंस
  3. व्हीकल का RC
  4. HSC मार्क सीट
  5. SSC मार्क सीट
  6. राशन कार्ड
  7. निवास प्रमाण पत्र
  8. जाति प्रमाणपत्र
  9. आय प्रमाणपत्र
  10. CBSC या UP बोर्ड की मार्क सीट
  11. CSC के प्रमाण पत्र
  12. फिटनेस प्रमाण पत्र आदि

Passport Service Linked with Digi locker: अगर आप भी नया पासपोर्ट बनाने की सोंच रहे हैं या आपका पासपोर्ट की एक्सपायरी डेट ख़तम हो रही है। तो आपके लिए भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से एक अच्छी खबर है। क्योंकि अब पासपोर्ट सेवाओं को डिजिलॉकर अकाउंट से जोड़ गया है। जिससे अब पासपोर्ट बनवाने के लिए Original Documents को साथ ले जाना अनिवार्य नहीं होगा।

नयी अपडेट –

अपने Digi Locker अकाउंट में यदि आपने अपने सारे असली दस्तावेज स्टोर कर रखे हैं, तो अब आपको पासपोर्ट सेवाओं का लाभ लेना और भी आसान होने वाला है। क्योंकि अब आप नया Passport Apply करते समय Digi locker अकाउंट में मौजूद Documents का सीधा उपयोग कर पाएंगे।

पासपोर्ट सेवा के डिजिलॉकर से जुड़ने से वेरिफिकेशन के लिए भी असली दस्तावेजों को साथ में नहीं ले जाना पड़ेगा। जिससे आने वाले समय पासपोर्ट सेवाएं पेपरलेस होती जाएँगी। और लोगों घर बैठे ही सारी सुविधाएँ मिलने लगेंगी।

मिनिस्ट्री ऑफ़ एक्सटर्नल अफेयर्स जल्द ही पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम 2.0 शुरू करेगी। जिसमे e-passport, AI और chat-bot, Machine Learning, Robotic Process Automation (RPA) जैसी emerging technologies को शामिल करके पासपोर्ट सेवाओं को और बेहतर बनाया जायेगा।

 

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