खादी अगरबत्ती आत्मनिर्भर मिशन | अगरबत्ती निर्माण में लाभ Agarbatti mission

अगरबत्ती निर्माण क्षेत्र में भारत को पूर्णरूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए, केंद्र सरकार ने Khadi Agarbatti Aatmanirbhar Mission की शुरुआत की है। केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के मंत्री नितिन गडकरी ने योजना को के बारे में बताते हुए कहा कि यह मिशन न सिर्फ प्रवासी मजदूरों को बड़े स्तर पर रोजगार दिलाएगा बल्कि भारत को अगरबत्ती उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर भी बनाएगा। इस लेख में हमने खादी अगरबत्ती आत्मनिर्भर मिशन से जुड़ी जरुरी जानकारियां आपके साथ साझा की हैं।

Khadi Agarbatti Aatmanirbhar Mission

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा प्रस्तावित इस मिशन को ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तृत रोजगार का अवसर माना जा रहा है। केंद्र सरकार प्रवासी कामगारों को रोजगार मुहैय्या करवाने के लिए खादी अगरबत्ती आत्मनिर्भर मिशन को देश में बड़े स्तर पर चलाने जा रही है।

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि भारत में प्रतिदिन 760 मीट्रिक टन अगरबत्ती का उत्पादन होता है। जबकि खपत इसकी 2 गुनी लगभग 1490 मीट्रिक टन की है। अगरबत्ती के उत्पादन में इस भारी कमी के कारण चीन और वियतनाम जैसे देशों से इसका आयात होता है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि अगरबत्ती निर्माण उद्यम में कितनी संभावनाएं हैं।

इसी कारण से मोदी सरकार ने अगरबत्ती के विदेशी आयात को कम करने और देश के विभिन्न हिस्सों में प्रवासी कामगारों को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए खादी अगरबत्ती आत्मनिर्भर मिशन की शुरुआत की है।

Khadi अगरबत्ती निर्माण के लाभ

  • स्थानीय रोजगारों को बढ़ावा मिलेगा।
  • ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को घरेलू रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।
  • लॉक डाउन के कारण बेरोजगार प्रवासी मजदूरों को रोजगार मिलेगा।
  • सरकार के अनुसार प्रतिदिन की मजदूरी 250 रुपये या उससे अधिक मिल सकती है।
  • प्रति मशीन पर 4 मजदूरों को रोजगार मिलेगा। इस तरह हजारों रोजगार पैदा हो सकते हैं।
  • आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति मिलेगी।
  • स्वरोजगार और स्थानीय व्यापर को बढ़ावा मिलेगा।
  • अगरबत्ती उत्पादन बढ़ने से विदेशी आयात कम होगा।
  • अगरबत्ती मशीन निर्माण कंपनियों से मशीने खरीदने से उन्हें लाभ होगा।

Khadi Agarbatti Aatmanirbhar Mission का उद्देश्य

  • भारत में अगरबत्ती के उत्पादन में तेजी से वृद्धि करना।
  • देश को अगरबत्ती निर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना।
  • देश के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रवासी मजदूरों को रोजगार देना।
  • सूक्ष्म और लघु उद्योगों को बढ़ावा देकर हजारों रोजगार का सृजन करना।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलु रोजगार से महिलाओं को रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाना। ,
  • प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान में तेजी लाना।
  • स्थानीय उद्योगों और कारीगरों को बढ़ावा देना।

खादी अगरबत्ती आत्मनिर्भर मिशन के मुख्य तथ्य

  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, मिशन को सफल बनाने के लिए 55 करोंड़ रुपये का मसौदा तैयार किया है।
  • नए उद्यमियों को अगरबत्ती निर्माण के लिए आवश्यक मशीने, खादी और ग्रामोद्योग आयोग उपलब्ध कराएगा।
  • मशीनों के खरीद पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग 25 प्रतिशत की सब्सीडी देगा। बाकी बचे 75% दाम को उद्यमी आसान किस्तों में चुका सकते हैं।
  • 1500 अगरबत्ती निर्माण से जुड़े उद्यमियों को 3 करोड़ 45 लाख रूपए की तत्काल सहायता की जाएगी।
  • अगरबत्ती की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कनौज में दो विकास केंद्र केंद्र खोले जायेंगे।
  • 50 करोड़ की लागत से 10 नए निर्माण क्लस्टर SFURTI कार्यक्रम के अंतर्गत बनाये जायेंगे।
  • खादी और ग्रामोद्योग आयोग, प्राइवेट व्यापार क्षेत्र से मिल कर नए कारीगरों को प्रशिक्षण देने का खर्च वहन करेगा
  • व्यापार उद्यमी कारीगरों को अगरबत्ती निर्माण का कच्चा माल देंगे।

Highlights of this Mission

योजना का नामKhadi Agarbatti Aatmanirbhar Mission
कब शुरू हुई6 सितम्बर 2020
किसने शुरू कियामोदी सरकार (नितिन गडकरी)
मंत्रालयसूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार
योजना का उद्देश्यदेश को अगरबत्ती उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना और प्रवासी मजदूरों को रोजगार मुहैय्या करवाना
बजट50 करोड़ रुपये

Khadi Agarbatti Aatmanirbhar Mission की विशेषताएं

  • खादी अगरबत्ती आत्मनिर्भर मिशन के अंतर्गत सभी नयी मशीने देश के ही निर्माताओं से खरीदी जाएँगी।
  • खादी अगरबत्ती निर्माण मिशन सरकार द्वारा पब्लिक-प्राइवेट भागीदारी के नियम पर आधारित है।
  • ब्यापारियों के लिए कच्चे माल और मशीनों की व्यवस्था खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग करेगा।
  • मशीनों की लागत का 25 प्रतिशत अनुदान केविआइसी (KVIC) करेगी। बाकि 75 प्रतिशत व्यापारी को भरना पड़ेगा।
  • MSME के आकड़ों के अनुसार अगरबत्ती उद्योग में प्रतिकिलो उत्पादन पर 15 रुपये की बचत होती है। जबकि 1 दिन में एक मशीन द्वारा 80 किलो उत्पादन का औसत होता है। इस तरह एक दिन में 1200 रुपये का लाभ हो सकता है।

Agarbatti kaise banaye

अगरबत्ती निर्माण का उद्योग लगाने के लिए आप खादी अगरबत्ती आत्मनिर्भर मिशन के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं।

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