Kusum solar pump Yojana

पीएम कुसुम योजना का उद्देश्य क्या है? | PM Kusum Yojana Official website

Kusum Yojana का पूरा नाम किसान ऊर्जा एवं उत्थान महा अभियान योजना है। यह योजना किसानों के लिए कृषि सिचाई सम्बन्धी समस्याओं का जड़ से ख़त्म करने और उन्हें स्वरोजगार दिलाने के उद्देश्य से मोदी सरकार द्वारा शुरू की गयी है। तो आइये प्रधानमंत्री कुसुम सोलर पम्प योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं –

Kusum Yojana क्या है?

PM Kusum Yojana की शुरुआत नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा 8 मार्च 2019 को हुई थी। कुसुम योजना का उद्देश्य किसानों को सोलर पैनल द्वारा संचालित सिचाई पम्प उपलब्ध करवाना है। जिससे उन्हें डीजल इंजन या खम्भों द्वारा मिलने वाली बिजली के भरोसे न रहना पड़े। मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से किसानों को न सिर्फ कृषि उत्पादन बढ़ाने में बल्कि अपनी आय भी बढाने में मदद मिलेगी।

आप सोंच रहे होंगे कि आय कैसे बढेंगी, तो आप को बता दें कि सोलर पैनल की बिजली जो सिचाई आदि कार्यों के बाद बच जाएगी उसे सरकार खरीदेगी। मतलब वो बिजली, खम्भों में चली जाएगी। जिसका पैसा सरकार किसान को देगी।

Highlights –

योजना का नामप्रधानमंत्री कुसुम योजना
कब शुरू हुई8 मार्च 2019
मंत्रालयनवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय
किसने शुरू कियामोदी सरकार
उद्देश्यभारत में सोलर एनर्जी के उपयोग को बढ़ाना और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना।
आधिकारिक वेबसाइटhttps://mnre.gov.in/

⇒ जाने किसान क्रेडिट कार्ड कैसे बनवाएं?

Kusum Yojana की खास बातें –

कुसुम योजना के तहत मुख्य रूप से इन बातों को जानना जरुरी है –

  • Kusum Solar Pump योजना की पहली सबसे अहम् बात यह है कि इसमें किसान अपने खेतों में 500 किलोवाट से 2 मेगावाट क्षमता के सोलर सिस्टम लगाये जायेंगे।
  • 7.5 HP तक के 17.50 लाख सोलर कृषि पम्प ऐसे किसानों को मुहैय्या करवा जो अभी तक डीजल पम्प से सिचाई करते हैं।
  • जो किसान बिजली से सिचाई करते हैं, उनमें 10 लाख किसानों को सोलर पम्प लगाने की सहायता दी जाएगी। इनकी भी क्षमता 7.5 HP की होगी।
  • तो इस तरह केंद्र और राज्य सरकारें 48-48 हजार करोड़ रुपये लगाकर कुसुम योजना के पहले चरण में 27.50 लाख सोलर पम्प लगाने में किसानों को सब्सीडी देने वाली है।
  • कुसुम योजना के दुसरे चरण में सरकार किसानों को अपने खेतों की मेड़ो पर सोलर पैनल लगवाने के लिए सब्सीडी देने की तैयारी करेगी।
  • किसानों को सोलर पम्प लगवाने के लिए शुरुआत में कुल लागत का 10 प्रतिशत ही देना होगा। बाकी बचे 90 प्रतिशत लागत का 60  प्रतिशत सब्सीडी सरकार और 30 प्रतिशत बैंक लोन देगा।
  • सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सीडी राशि सीधा किसानों के बैंक खाते में आएगी।
  • प्रधानमंत्री कुसुम योजना के लिए सरकार 2022 तक 1.40 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी।
  • सोलर पम्प में उपयोग के बाद बचने वाली बिजली बेंचकर, किसान अपना बैंक लोन और अतिरिक्त आमदनी कर सकते हैं। सारी बिजली सरकार खरीदेगी।

कुसुम योजना का उद्देश्य –

इस योजना को शुरू करने के पीछे सरकार के निम्नलिखित उद्देश्य हैं –

  • सौर ऊर्जा से चलने वाले सोलर पम्प से किसानों को सिचाई का विश्वसनीय और कम खर्च वाला, वातावरण प्रदूषण रहित साधन मुहैय्या करवाना।
  • किसानों को अपनी बंजर जमीन का सदुपयोग करने का मौका देना।
  • सोलर पैनल से पैदा होने वाली बिजली से अतिरिक्त आमदनी और आत्मनिर्भर बनने का अवसर देना।
  • सोलर पम्प लगाने में सरकारी सब्सीडी देना जिससे किसान आसानी से सोलर पैनल सिचाई पम्प लगा सकें।
  • कुल लागत का सिर्फ 10 प्रतिशत हिस्सा किसान को सोलर पम्प लगाने पर देने होंगे।

PM Kusum Yojana के लाभ –

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुसुम योजना शुरू करके किसान भाइयों को कृषि सिचाई का विश्वसनीय श्रोत दिलाने का प्रयास शुरू किया है। जिससे देश में किसान, कृषि, व्यवसाय, और उत्पादन में निम्नलिखित लाभ हो सकते हैं –

  • किसान अपनी बंजर जमीन का सदुपयोग कर पाएंगे।
  • कम पैसे लगाकर भी किसानों को सोलर सिचाई पम्प मिलेंगे जिससे उनपर कोई आर्थिक भार नहीं आएगा।
  • देश में सौर ऊर्जा से बिजली बनाने को बढ़ावा मिलेगा।
  • सोलर पम्प से खरीदी जाने वाली बिजली से देश में अधिक बिजली बनेगी।
  • सिचाई के कारण बर्बाद होने वाली फसलों की घटनाएँ कम होंगी। और फसल उत्पादन में बढ़ोत्री और निरंतरता आएगी।
  • डीजल और खम्भे की बिजली की बचत होगी।
  • किसानों की आय बढेंगी।

⇒ PM Kusum Yojana Apply Online 2021

जाने – आत्मनिर्भर भारत का तीसरा राहत पैकेज क्या है? 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *