मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव कब है 2021 जाने ताजा अपडेट

सरपंच का चुनाव कब है 2021: दोस्तों मध्य प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर बड़ी खबर निकल कर आ रही है। निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत व नगरीय चुनावों को लेकर तारीखों का ऐलान अब लगभग तय हो चुका है। त्रिस्तरीय ग्राम पंचायत स्तर के चुनावों की तारीखों को लेकर आम लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है –

मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव की तारीख 2021 –

ताजा अपडेट के मुताबिक मध्य प्रदेश के त्रि-स्तरीय पंचायत चुनावों की तारीखों की अधिकारिक घोषणा होने वाली है। चुनाव आयोग द्वारा पंचायत चुनावों के लिए 20 दिसंबर 2021 से 3 जनवरी 2022 तक की समय सीमा निर्धारित करने की सम्भावना है। हालाँकि अभी ऑफिसियल सूचना का इन्तजार सभी को है।

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न्यू अपडेट – पंचायत चुनाव में एक और बाधा 

  • पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच शिवराज सरकार ने पंचायतों में नया परिसीमन निरस्त कर दिया है. सरकार ने मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) अध्यादेश 2021 लागू कर दिया है.
  • नया परिसीमन निरस्त होने से जहां पिछले एक साल से चुनाव नहीं हुए ऐसे सभी जिले, जनपद या ग्राम पंचायतों में पुरानी व्यवस्था लागू होगी। यानी जो पद, जिस वर्ग के लिए आरक्षित है, वही रहेंगे. इसकी अधिसूचना 21 नवम्बर को देर शाम जारी की गई है.

  • ताजा न्यूज़ के अनुसार मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव, दो चरणों में कराए जा सकते हैं।
  • मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव की तारीखें 20 दिसंबर से 3 जनवरी के आस पास हो सकती हैं।
  • जिला पंचायत और जनपद पंचायत के चुनाव इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से और सरपंच व पंच के चुनाव बैलेट बॉक्स द्वारा होंगे। 
  • मार्च 2022 तक MP की सभी रिक्त पंचायतों पदों की जानकारी कलेक्टरों द्वारा मंगवा ली गई हैं।
  • विभिन्न पंचायत स्तरीय पदों के लिए जल्द ही नामांकन सम्बन्धी सूचना दी जायेगी। 

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नाम निर्देशन व चुनाव प्रचार के सम्बन्ध में चुनाव आयोग मध्य प्रदेश की अधिसूचना –

  1. पंचायत चुनाव के प्रत्याशियों को रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के समक्ष नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करना होगा।
  2. मध्य प्रदेश पंचायत निर्वाचन 2021-22 में जिला एवं जनपद पंचायत सदस्य पद के अभ्यर्थी ऑनलाइन नाम निर्देशन एप्लीकेशन भी भर सकते हैं। हालाँकि प्रत्याशियों के पास ऑफलाइन नाम निर्देशन का विकल्प भी रहेगा।
  3. जिला कलेक्टर व निर्वाचन अधिकारी को, चुनाव प्रत्याशियों को जादा से जादा ऑनलाइन नाम निर्देशन प्रस्तुत करने, निर्धारित शुल्क की जानकारी, प्रशिक्षण और अन्य नियमों की जानकारी देने का निर्देश दिया गया है।

चुनाव आयोग की ऑफिसियल सूचना pdf डाउनलोड करें

मध्यप्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया शुरू –

पंचायत और जनपद स्तर के चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग ने सभी कलेक्टरों को अपने सुझाव और सूचनाएं देने का आदेश दिया जा चुका है। जिससे EVM का प्रयोग और मतपर्चों द्वारा चुनावों की तैयारियों में देरी न हो। आपको बतादें कि मध्यप्रदेश में कुल ग्राम पंचायतों की संख्या 23 हजार 912 है।

MP पंचायत चुनाव की आचार संहिता कब लगेगी –

मध्यप्रदेश पंचायत चुनावों के सभी चरणों की निश्चित तारीखें आने के बाद चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता लगा दी जायेगी। फ़िलहाल अक्टूबर महीने में पंचायत चुनावों की पूरी तैयारी व तारीखें घोषित हो जाने की सम्भावना बताई जा रही है।

आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराये जायेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने विकास खंड व पंचायत स्तर पर चुनाव कार्यक्रमों की रूपरेखा, जिला निर्वाचन अधिकारी को भेज दी है। यहाँ जिला पंचायत और जनपद पंचायत के सदस्यों का चुनाव EVM मशीनों से और सरपंच का चुनाव परंपरागत मतपत्रों द्वारा होने की बात कही जा रही है।

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बढ़ रहा है आम लोगों का गुस्सा –

मध्य प्रदेश पंचायत चुनावों में हो रही जरुर से जादा देरी की वजह से लोग अब बहुत गुस्सा कर रहे हैं। twitter पर एक सज्जन क्या कहा देखिये –

नयी अपडेट –

मध्यप्रदेश में पंचायत चुनावों से पहले नगरीय निकाय के चुनाव करवाएं जायेंगे। नगरीय निकाय के चुनावों की तैयारियां तेज हो चुकी हैं, राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह द्वारा की गयी समीक्षा के अनुसार नगरीय निकाय व त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अब करवाना संभव है, इसे जल्द ही करवाया जायेगा।

चुनावों को जल्द करवाने के लिए चुनाव आयोग द्वारा जिला पंचायत अध्यक्षों को आरक्षण सूची बनाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

पंचायत चुनाव 2021 की तारीखों में क्यों हुई देरी –

मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान में हुई देरी के निम्नलिखित कारण हैं –

  • पंचायत चुनावों के लिए आवश्यक पुलिस बल इस समय पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में हो रहे विधान सभा इलेक्शन में भेजी गयी हैं।
  • मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षाएं भी अप्रैल-मई में हो रही हैं।
  • कोरोनो महामारी के कारण राज्य में लॉक डाउन लगाने की स्थिति बन रही है।
  • अन्य राज्यों में हो रहे चुनावों के कारण EVM मशीने भी कम पड़ रही हैं।
  • हाई कोर्ट के आदेश के कारण अभी तक मध्यप्रदेश के चुनावों को टाला रहा है।

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पंचायत चुनावों की आरक्षण प्रक्रिया में भी हुई देरी –

जैसा कि आप सब जानते हैं कि हाईकोर्ट द्वारा मध्य प्रदेश पंचायत चुनावों की आरक्षण प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश दे चुका है। जिससे निर्वाचन आयोग को चुनाव प्रक्रिया के सबसे जरुरी भाग आरक्षण सूची जारी करने देरी हो रही है।

ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार आरक्षण प्रक्रिया को जितनी जल्दी पूरा कर लेती है, उतनी ही जल्दी पंचायत व जनपद स्तर के चुनावों की तारिख घोषित होगी। हालाँकि राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि चुनावों प्रक्रिया की निचले स्तर की तैयारियां पूरी कर ली जाएँ, जिससे पंचायत चुनाव की तारीखें आते ही सक्रियता से मतदान प्रक्रिया शुरू हो सके।

सवाल जबाब (FAQ) –

पंचायत चुनावों में परिसीमन क्या होता है?

आपको बता दें कि चुनावों से पहले परिसीमन, राज्य सरकार द्वारा जारी किया जाता है, इसके तहत एक समय सीमा के अंतर्गत पंचायत चुनाव करवाने का लक्ष्य रखा जाता है। हालाँकि परिस्थिति के अनुसार राज्य सरकार इसे कभी भी रद्द भी कर सकती है।

 

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22 thoughts on “मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव कब है 2021 जाने ताजा अपडेट”

  1. कृपया कर मध्य प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों के व जिला जनपदों के पंचायत चुनाव शीघ्र करवाए जाएं क्योंकि अब 7 वर्ष हो चुके हैं और कोरोना लगभग समाप्त हो चुका है ,ऐसे मैं मध्यप्रदेश शासन पंचायत चुनाव करवाने में देरी क्यों कर रही है ,जबकि शासन के लोक सभा उपचुनाव विधानसभा चुनाव करवाने की तैयारी कर रही है, लेकिन पंचायत चुनाव करवाने से बीजेपी सरकार डर क्यों रही है !
    अब तो ग्राम पंचायत के प्रधान ,जनपद ,जिला के सदस्य अपनी तानाशाही पर उतर रहे हैं, वह तो ऐसा तक कह रहे हैं कि सरकार पंचायत चुनाव को नहीं करवा पाएगी उन्हें पूरे 10 वर्ष काम करने को मिलेगा हमें तो सरकार नियमित करने वाली है ,अतः महोदय इन प्रतिनिधियों के घमंड को तोड़ने के लिए पंचायत चुनाव सितंबर अक्टूबर में करवाने का कष्ट करें !

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    • संतोष जी आपकी बात से मै सहमत हूँ पंचायत चुनावों को अब देरी नही होनी चाहिए

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      • vidhansabha ka chunav hota hai to corona ho ya kuch v chunav ho jata hai panchayat ka chunav hai to aap logo ko dikh hi nahi raha

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    • भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार से निवेदन हैं कि त्रिस्तरीय चुनाव को यदि सरकार जल्द से जल्द करवाती है ।तो ठीक है नहीं तो सरकार से निवेदन है पंचवर्षीय योजना को खत्म करते हुए 10 वर्षीय योजना लागू की जाए सरकार से विशेष गुजारिश है शेष धन्यवाद

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    • हां भाई हम आप की बात से सहमत हैं ला जोधपुर पंचायत में प्रतिनिधि बनेगा उसे भी 7 साल तक रहना होगा ऐसा नियम बनाओ अब मामा जी

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    • बिल्कुल पंचायत चुनाव नहीं कराने से गांवो का विकास रुक गया है भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है जन हितेशी कार्य ना के बराबर है अगर चुनाव होता है हे तो नये प्रतिनिधि उत्साह के साथ काम करेंगे

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  2. पंचायत चुनाव अक्टूबर-नवंबर मैं हो जाना चाहिए नहीं तो पंचायतों में गुंडाराज चलेगा गुंडा वसूली की जा रही पंचायतों में हर सरपंच विधायक कलेक्टर का पावर रख रहा है पीएम आवास हितग्राही को मिलने से पहले 10 से 15 20 हजार तक की मांग की जाती है पहले लिया जाता है औरतों डराया धमकाया जाता है

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  3. अब तो ग्राम पंचायत के प्रधान ,जनपद ,जिला के सदस्य अपनी तानाशाही पर उतर रहे हैं, वह तो ऐसा तक कह रहे हैं कि सरकार पंचायत चुनाव को नहीं करवा पाएगी उन्हें पूरे 10 वर्ष काम करने को मिलेगा हमें तो सरकार नियमित करने वाली है ,अतः महोदय इन प्रतिनिधियों के घमंड को तोड़ने के लिए चुनाव होना चाहिए ,

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  4. दमोह जिले की सरसबगली ग्राम पंचायत भारी भ्रष्टाचार व अनियमितता है हुई है 7 वर्ष की अवधि में धरातल पर किसी भी प्रकार का कोई नाली निर्माण नहीं हुआ है जो कागजों में पूरा हो चुका है जिसका आवेदन जिला से लेकर जनपद तक ग्राम पंचायत तक सारे अधिकारियों को दिया है जिसकी जांच अधिकारियों ने आकर धरातल पर नहीं की है श्रीमान मामा जी से निवेदन है कि अब जल्द से जल्द चुनाव कराने की कृपया करें

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  5. क्या जहा परसीमन नही हुआ वहा भी सरपंच चुनाओ मैं 2014 का आरक्षण लागू होगा,,

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  6. manniy mukhyamantri ji ko arkhsan radd nahi karna chahiye parseeman wali gram panchayto ka hi arkhsan radd karna chahiye aour waha fir se arkhsan karna chahiye kyoki jo arkhsan pahle ki sarkar ne kiya tha to logon ne apne sapne sajo liye the ab wo sab sapne tut gaye is liye jin jagah par parseeman hua hai nai panchat bani hai ashi jagah arkhsan fir se kara dena chahiye

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