डिजिटल हेल्थ कार्ड क्या है? – National Health Id Card Registration 2021

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2020, यानी स्वंतंत्रता दिवस के दिन नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन (NDHM) की शुरुआत की थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि अब सभी देश वाशियों को अच्छी और सक्रीय स्वास्थ्य सुविधायें पहुँचाने के लिए डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाया जायेगा। तो दोस्तों आइये इस लेख में जानते हैं, कि राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के तहत आपका हेल्थ आईडी कार्ड रजिस्ट्रेशन कैसे होगा? स्वास्थ्य कार्ड कैसे काम करेगा?, कब बनेगा?, क्या डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड बनवाना अनिवार्य है?, और हेल्थ आईडी कार्ड से आम लोगों को क्या लाभ मिलेगा?-

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन 2021 –

मोदी सरकार के इस NDHM प्रोग्राम से स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीकों का भरपूर उपयोग किया जायेगा। साथ ही इस योजना के तहत देश के सभी नागरिकों के डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड भी बनाये जायेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है की यदि स्वास्थ्य सेवाओं में टेक्नोलॉजी का सुविचारित उपयोग किया जाय तो देश के गरीब लोगों को भी अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैय्या करवायी जा सकती हैं। इससे उनका मेहनत से कमाया गया पैसा और समय दोनों बर्बाद होने से बच सकता है।

अभियान का नाम  राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन
कब शुरू हुआ         15 अगस्त 2020
किसने शुरू किया     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने
मिशन का उद्देश्य देश में डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार सक्रियता लाना।
मंत्रालय का नाम केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय
ऑफिसियल वेबसाइट id.ndhm.gov.in

डिजिटल हेल्थ कार्ड क्या है?

डिजिटल हेल्थ कार्ड आपके आधार कार्ड या एटीएम कार्ड जैसा होगा। इस कार्ड में आपका पूरा स्वास्थ्य ब्यौरा ऑनलाइन मौजूद होगा। आपके सभी पुराने इलाज की जानकारी, चल चुकी दवाओं की डिटेलर आदि की जानकारी इस कार्ड में होने से डॉक्टरों को कई प्रकार की जांचों या फार्मालिटी करने से छुटकारा मिलेगा। इसके साथ ही मरीज का इलाज जल्दी और सही तरीके से हो पायेगा। जिससे मरीज का समय और पैसा दोनों बचेगा।

आप को बता दें कि, नीति आयोग ने नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन को 2018 में पहली बार पेश किया गया था। जिसमे लोगों की स्वास्थ्य की जानकारियों को एक पोर्टल पर रखने की सलाह दी गयी थी। लेकिन अब यह मिशन शुरू हो चुका है।

नयी अपडेट –

दोस्तों भारत सरकार की ओर से अब नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के अंतर्गत आने वाली Data Management Policy को लागू करने की मंजूरी दे दी गयी है। इससे लोगों के स्वास्थ्य डाटा को सुरक्षित रखने का मानक तैयार होगा। और इस मिशन को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। 

डिजिटल हेल्थ कार्ड ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 2021 –

National digital Health Mission के अंतर्गत इस कार्ड का सबसे पहले देश के केंद्र शासित राज्यों में ट्रायल किया जाएगा। उसके बाद पूरे देश में यह मिशन शुरू होगा। प्रारंभिक ट्रायल के लिए केंद्र शासित प्रदेशों जिनमें दमनदीव, दादरा नगर हवेली, चंडीगढ़, पांडुचेरी, अंडमान निकोबार और लक्ष्यदीप शामिल है।

इस कार्ड को बनवाने के लिए आपका नाम, आधार कार्ड और कुछ मेडिकल इनफार्मेशन का उपयोग किया जा सकता है। ट्रायल के सफल हो जाने के बाद यह प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाने का उद्देश्य –

  • इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में अमूलभूत परिवर्तन करना है। सरकार टेक्नोलॉजी और इन्टरनेट का उपयोग करके लोगों के स्वास्थ्य डेटा का डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म बनाना चाहती है। जिसे एक सेन्ट्रल सर्वर ऑपरेट करेगा।
  • नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन का दूसरा महत्वपूर्ण लक्ष्य है डिजिटल इंडिया प्रोग्राम को और तेज गति देना। जिससे भारत में टेक्नोलॉजी का सदुपयोग तेज हो सके।
  • इस अभियान का सबसे आसान भाषा में उद्देश्य लोगों के जीवन को आसान बनाना है। और स्वास्थ्य से सम्बंधित लोगों की चिंता कम करना है।

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन की खास बातें –

  • यूनिवर्सल हेल्थ आईडी – इस अभियान से देश के सभी व्यक्तियों के पास आधार कार्ड की तरह डिजिटल हेल्थ कार्ड होगा।
  • व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड – सभी लोगों के पास अपना स्वास्थ्य रिकॉर्ड मौजूद होगा। जिससे वे निश्चिंत रहेगें।
  • डिजिटल डॉक्टर – नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन से हॉस्पिटल में डॉक्टर डिजिटल सेवाओं से लैस हो जायेंगे।
  • ई मेडिकल फार्मेसी – इस अभियान से सभी मेडिकल फार्मेसी पूरी तरह डिजिटल हो जाएँगी।
  • टेलीमेडिसिन सर्विस को बढ़ावा – टेलीमेडिसिन को इस अभियान के शुरू हो जाने से बल मिलेगा। डॉक्टर और मरीज के बीच शारीरिक दुरी होने के बावजूद भी डॉक्टर सही ढंग से इजाज कर सकेगा।

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन कैसे काम करेगा?

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन देश में एक अभियान चलाएगा, जिससे लोगों के हेल्थ आईडी कार्ड बनाये जायेंगे। यह आधार कार्ड के जैसा ही होगा। इसके जरिए मरीज की सभी जानकारियां जैसे उसने कब कौन से दवा ली,क्या जांच हुई है या पुराने सभी हेल्थ रिकॉर्ड उसमें मौजूद रहेंगे।

अगर आप देश के किसी भी कोने में इलाज के लिए जाते हैं तो आपको पर्ची, रिपोर्ट, बिल आदि ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि सारी जानकारियां आपके डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड में मौजूद रहेंगी। डॉक्टर सिर्फ आपके कार्ड को एक्सेस करके आपकी सारी जानकारियां एक झटके में देख लेगा। जिससे आपको सुरक्षित और सही इलाज मिल सकेगा। राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन में मरीज के साथ साथ डॉक्टरों, अस्पतालों, क्लीनिक,लैब, टेलीमेडिसिन कंपनियों, हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को भी शामिल किया जाएगा।

क्या डिजिटल हेल्थ कार्ड को बनवाना अनिवार्य होगा? 

मोदी सरकार के National Health Authority के अनुसार इस कार्ड को बनवाना अनिवार्य नहीं होगा। जो व्यक्ति अपने हेल्थ रिकॉर्ड की जानकारी देकर आईडी बनवाना चाहता है, वह बनवा सकता है। इसमें कोई जोर जबरदस्ती नहीं की जाएगी।

लेकिन सरकार का यह प्रयास रहेगा कि इस सिस्टम को पूरी तरीके से सुव्यवस्थित करके पूरे देश में लागू कर दिया जाए। जिससे देश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और सस्ती इलाज मुहैया करवाया जा सके।

डिजिटल हेल्थ कार्ड के लाभ –

  • देश के सभी लोगों के पास डिजिटल स्वास्थ्य पहचानपत्र हो जाने से आम जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पाने में आसानी होगी।
  • अब दवाइयों की बिल और पर्ची सम्हालने से छुटकारा मिलेगा।
  • अस्पतालों में पर्ची कटाने के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
  • देश के नागरिकों को सुरक्षित और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
  • सरकार के द्वारा आर्थिक मदद और स्वास्थ्य बीमा का फायदा लेने में पारदर्शिता आएगी।
  • घर बैठे आप टेलीमेडिसिन के जरिये इलाज करवा सकेंगे।
  • इस कार्ड के उपयोग से फर्जी दवाई और फालतू खर्चों से निजात मिलेगी।

 

अन्य पढ़ें —————

नई शिक्षा नीति की खास बातें और नए नियम

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना आवेदन, Online फॉर्म

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना रजिस्ट्रेशन

अभ्युदय योजना रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन 2021

Leave a Comment