नई शिक्षा नीति 2020 कब से लागू होगी | New Education Policy 2020 Details

नई शिक्षा नीति 2020: शिक्षा का अर्थ है सीखने-सिखाने की प्रक्रिया। हमारे समाज में समय के साथ-साथ शिक्षा के स्तर और नियम कानूनों में बदलाव होना बहुत जरुरी होता है। भारतीय शिक्षा प्रणाली के इतिहास को अगर गौर से देखें तो आपको समय-समय पर बड़े बदलाव देखने को मिल जायेंगे। आजाद भारत में सन 1986 की शिक्षा नीति के बाद इस बार 2020 प्रस्तुत की गयी नई शिक्षा नीति (NEP) में बड़े बदलाव हुए हैं। इस लेख में हम नई शिक्षा नीति के नए नियमों और मुख्य बिन्दुओं को समझेंगे –

New Education Policy 2020

भारत की नेशनल एजुकेशन पालिसी 2020 , केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर के द्वारा 29 जुलाई 2020 को प्रस्तुत की गयी थी।

आपको बता दें इससे पहले सन 1986 में राष्ट्रीय शिक्षा निति लागु हुई थी, जिसमें कुछ बदलाव 1992 में हुए थे। नई शिक्षा निति 2020 (New Education Policy) लागू होने के साथ-साथ मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है।

एक परिवार एक नौकरी योजना

नई शिक्षा नीति 2020 कब से लागू होगी –

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक मोटे तौर पर नयी शिक्षा नीति में लगभग 60 बदलावों का प्रस्ताव है। जिसमें शुरूआत के दो सालों में करीब बीस प्रावधानों लागू हो जाएंगे। इसी तरह 2022 में करीब सात प्रावधानों को और 2023-24 में अन्य 23 प्रावधानों को लागू करने की योजना है।

हालाँकि सभी प्रस्तावों को भी चरणबद्ध तरीके से 2035 तक लागू किया जाएगा। इस समय सीमा में लागू कराने के लिए शिक्षा मंत्रालय की ओर से उच्चस्तरीय कमेटी भी गठित की जाएगी, जो केंद्र और राज्यों के बीच शिक्षा नीति को चलाने में मदद करेगी।

नई शिक्षा नीति 2020 के प्रमुख बिंदु –

मोदी सरकार द्वारा जारी की गयी इस शिक्षा नीति में, पुरानी शिक्षा व्यवस्था की तुलना में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं –

1. पांचवी क्लास तक मातृभाषा में होगी पढ़ाई-

नयी शिक्षा नीति के अनुसार कक्षा 5 तक स्थानीय, क्षेत्रीय और मातृभाषा में पढाई होगी। विदेशी भाषाओँ की पढाई सेकेंडरी लेवल से होगी। लेकिन किसी भाषा को जबरदस्ती नहीं पढ़ाया जायेगा।

2. 2030 एजुकेशन फॉर आल का लक्ष्य-

नयी शिक्षा नीति में साल 2030 तक स्कूली शिक्षा में 100% जीईआर (gross enrolment ratio) के साथ माध्यमिक स्तर तक सभी को शिक्षित करने का लक्ष्य है।

3. New Education Policy 2020 में स्कूली शिक्षा व्यवस्था में हुए हैं बदलाव –

पुरानी शिक्षा नीति में 10+2 वाली स्कूली व्यवस्था को लागू किया गया था। लेकिन नयी शिक्षा नीति में 3 से 18 वर्ष के सभी बच्चों के लिए 5+3+3+4 की नयी व्यवस्था को लागू करने की बात कही गयी है। इससे बच्चों की बाल्यावस्था देखभाल और मजबूत बुनियाद होने की बात कही गयी है।

4. New Education Policy 2020 का लक्ष्य है देश के हर बच्चे को शिक्षा के मुख्य धारा में जोड़ना –

इस शिक्षा निति में देश के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुचाने और उनके विकास और नये शिक्षा केंद्रों की स्थापना कर शैक्षिक व्यवस्था को बेहतर बनाने पर बल दिया गया।

5. बुनियादी शिक्षा संख्यात्मक ज्ञान पर जोर दिया जायेगा-

स्कूली शिक्षा के प्राथमिक स्तर पर जोड़-घटाव, संख्यात्मक ज्ञान की समझ विकशित करने पर विशेष बल दिया जाएगा।

6. NCRT करेगी 8 वर्ष तक के बच्चों का पाठ्यक्रम निर्धारण-

8 वर्ष की आयु तक के बच्चों के लिए प्रारंभिक देखभाल और शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम और शैक्षणिक ढांचा एनसीआरटी करेगी।

7. विद्यार्थी सिर्फ तीसरी, पांचवी और आठवीं कक्षा में परीक्षा देंगे –

नयी शिक्षा नीति में प्री स्कूलिंग के साथ 12 साल की स्कूल शिक्षा और तीन साल की आँगनवाड़ी होने की बात कही गयी है। प्री-प्राइमरी, पहली और दूसरी क्लास मतलब 3 साल शुरूआती शिक्षा के अंतर्गत आयेंगे। उसके बाद 3,4 और 5 वीं की शिक्षा दी जाएगी। 6वीं से 8वीं तक की शिक्षा में नए विषयों को शामिल किया जायेगा। अब सभी छात्र तीसरी, पांचवी और आठवीं कक्षा में परीक्षा देंगे। छठी कक्षा से वोकेशनल कोर्स और इंटर्नशिप शुरू किये जायेंगे।

8. जीडीपी का 6 प्रतिशत शिक्षा में लगाया जायेगा –

New Education Policy 2020 के लिए जीडीपी का छह प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र में लगाया जायेगा। वर्तमान में यह 4.43 प्रतिशत है। इससे शिक्षा में और सुधार लाये जाने की सम्भावना बढ़ेगी।

9. उच्चतर शिक्षा में हर जगह समानता और समावेश रहेगा –

New Education Policy 2020 में उच्च स्तर की शिक्षा में सामान गुणवत्ता होने पर जोर दिया गया है। मेडिकल शिक्षा को छोड़कर अन्य सभी उच्च शिक्षा के लिए सामान नियम रहेंगे। उच्च शिक्षा में 2035 तक ग्रॉस एनरोलमेंट रेसिओ को पचास प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य होगा।

उच्च शिक्षा में कई महत्वपूर्ण बदलाव किये गए हैं। जो छात्र रिसर्च करना चाहते हैं उनके लिए डिग्री प्रोग्राम 4 साल का होगा। जो नौकरी करना चाहते हैं उनके लिए 3 साल का प्रोग्राम होगा।

10. भारत के आदर्शों और नीतियों की जड़ें मजबूत करने का प्रयास रहेगा –

भारत की सभी भाषाओँ के लिए संरक्षण और विकाश सुनिश्चित करने के लिए नयी शिक्षा नीति में पाली, फ़ारसी और प्राकृत भाषाओँ के लिए एक IITI ( इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ ट्रांसलेशन एंड इंटरप्रिटेशन ) की स्थापना की जाएगी। और मात्र भाषा में शिक्षा पर भी ध्यान दिया जायेगा।

11. स्कॉलर शिप से विद्यार्थियों को सहायता देना –

New Education Policy 2020 में विद्यार्थियों को आर्थिक मदद देने और स्कालरशिप प्रक्रिया को और व्यवस्थित करने पर बल दिया गया है। उच्च शिक्षा संस्थानों को फीस चार्ज करने के मामले में पारदर्शिता लाने के लिए तैयार किया जायेगा।

12. New Education Policy 2020 में डिजिटल शिक्षा के इंफ्रास्टक्चर को तैयार करने पर बल दिया गया है –

वर्तमान में फैली महामारी और वैश्विक महामारी में वृद्धि को देखते हुए ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने पर नयी शिक्षा नीति में बल दिया गया है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रचर को स्कूल, कॉलेज, और उच्च शिक्षा में गुणवत्ता पूर्ण बनाने के लिए डिजिटल संरचना, डिजिटल कंटेंट, और क्षमता निर्माण के उद्देश्य से एक समर्पित टीम बनाई जाएगी।

New Education Policy 2020 के मूल सिद्धांत

नयी शिक्षा नीति 2020 की निम्नलिखित मूल सिद्धांत और उद्देश्य हैं –

  • बुनियादी शिक्षा और संख्या ज्ञान को सर्वाधिक प्राथमिकता देना। जिससे सभी बच्चे कक्षा 3 तक साक्षरता और संख्या ज्ञान जैसे मूलभूत कौशलों को हासिल कर सकें।
  • बच्चों की विशिष्ट रूचि के आधार पर शिक्षा, पहचान और उनके विकाश के लिए प्रयास करना।
  • शिक्षा में लचीलापन हो ताकि शिक्षार्थी अपनी प्रतिभा और रुचियों के अनुसार जीवन में अपना रास्ता चुन सकें।
  • भेदभाव रहित शिक्षा को बढ़ावा देना। जैसे कला और विज्ञानं के बीच, पाठ्यक्रम और विद्यालय की अतिरिक्त गतिविधियों के बीच, शैक्षणिक और व्यावसायिक धाराओं के बीच कोई अलगाव न हो।
  • सभी ज्ञान की एकता और अखंडता को सुनिश्चित करने के लिये समग्र विकाश करना।
  • New Education Policy 2020 में अवधारणात्मक समझ पर जोर है , न कि रटंत पद्धति और केवल परीक्षा के लिए पढाई।
  • रचनात्मक और तार्किक सोंच को बढ़ावा।
  • नैतिकता, मानवीय और संवैधानिक मूल्यों को विद्यार्थियों को सीखाना।
  • तकनीकी के यथासंभव उपयोग पर जोर।
  • सीखने के लिए सतत मूल्यांकन पर जोर।
  • भारतीय जड़ों और गौरव से बंधे रहने पर जोर देना।

भारत की शिक्षा नीतियों का इतिहास

  • भारत में शिक्षा नीति का पहला प्रारूप 1968 में जाने माने वैज्ञानिक डी एस कोठारी की अध्यक्षता में बना था।
  • दूसरी शिक्षा नीति 1986 में कांग्रेस के कार्यकाल में लागू हुई थी।
  • दूसरी शिक्षा नीति में कुछ बदलाव 1992 में किये गए।
  • वैज्ञानिक के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में 2020 में प्रस्तुत की गयी शिक्षा नीति तीसरी और नयी शिक्षा नीति है।

difference between new and old education policy

पुरानी शिक्षा नितियों का मुख्य जोर शिक्षा तक लोगों के पहुंचने के मुद्दों पर था। लेकिन नई शिक्षा निति 2020 का लक्ष्य लोगों को शिक्षित करने के साथ-साथ उन्हें कुशल और आधुनिक तकनीकि के लिए तैयार करना है।

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