PLI स्कीम क्या है, जाने भारत को आत्मनिर्भर बनाने में क्यों जरुरी है यह योजना

इस लेख में हम जानेंगे कि भारत सरकार की PLI स्कीम क्या है? और इसके तहत किस प्रकार देश को विभिन्न विनिर्माण क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाने की पहल चलायी जा रही है –

PLI स्कीम का फुल फॉर्म क्या है? 

आपको बतादें कि भारत सरकार की PLI स्कीम का पूरा नाम Production Linked Incentive Scheme है। इस स्कीम के तहत भारत में मोबाइल, टेलीकॉम, आईटी हार्डवेयर, फार्मास्यूटिकल जैसे विभिन्न विनिर्माण क्षेत्रों में बेहतर उत्पादन और निर्यात करने के लिए भारत सरकार कंपनियों को प्रोत्साहन इंसेंटिव देती है। इसकी शुरुआत मार्च 2020 में हुई थी।

PLI स्कीम

मोदी सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लक्ष्य के साथ इस योजना की शुरुआत की है। उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना का लाभ न सिर्फ भारत की कंपनियों को बल्कि यहाँ निवेश करने वाली विदेशी कंपनियों को भी दिया जायेगा।

PLI स्कीम की खास बातें –

  • इस योजना के अंतर्गत आने वाले 5 से 7 सालों मोदी सरकार 1.46 लाख करोड़ रुपये खर्चा करेगी।
  • इस योजना का मुख्य फोकस ऑटोमोबाइल, फ़ूड प्रोसेसिंग, फार्मा, एडवांस्ड केमिस्ट्री और सोलर एनेग्री क्षेत्रों में होगा।
  • प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेन्टिव स्कीम भारत में घरेलू उत्पादक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए लागू की गयी है।
  • विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश करने के लिए आकर्षित करना इस योजना का उद्देश्य है।

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पीएलआई स्कीम का बजट –

ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट 57,000 करोड़ रुपये
फार्मा एंड ड्रग सेक्टर 15 हजार करोड़ रुपये
टेलीकॉम नेटवर्क एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर  12,000 करोड रुपये
टेक्सटाइल एवं फूड प्रोडक्ट्स सेक्टर 10,000 करोड़ रुपये
सोलर फोटोवॉल्टिक सेक्टर 4500 करोड़ रुपये
टेक्सटाइल सेक्टर 6300 करोड़ रुपये
इलेक्ट्रॉनिक और टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट 5000 करोड़ रुपये
स्पेशियल्टी स्टील 6000 करोड़ रुपये
बैटरी मैन्युफैक्चरिंग  18100 करोड रुपये

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How does production linked incentive scheme work?

प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेन्टिव स्कीम को अब चार विनिर्माण क्षेत्रों के लिए शुरू किया है। जिनकी जानकारी नीचे दी गयी है –

Production Linked Incentive Scheme for Mobiles Manufacturing

भारत को मोबाइल हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर निर्माण का वैश्विक हब बनाने के लिए PLI स्कीम, 2020 में ही लागू हो चुकी है। जो कम्पनियाँ भारत में उत्पादन करके सामानों का निर्यात करने में अच्छा प्रदर्शन करेंगी। भारत सरकार उन्हें इंसेंटिव प्रदान करेगी।

Production Linked Incentive Scheme for Telecom Equipment Manufacturing

17 फरवरी 2021 को PLI योजना, टेलीकॉम और नेटवर्किंग से जुड़े सामान बनाने वाले ब्रांड्स के लिए शुरू की जा चुकी है। इसके तहत 12195 करोड़ रूपए का बजट केन्द्रीय कैबिनेट ने पास किया है। इससे देश में 3 हजार करोड़ रुँपये का निवेश होने की सम्भावना जताई जा रही है। जिससे बहुत से लोगों रोजगार मिलेगा।

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Production Linked Incentive Scheme for IT- Hardware Manufacturing

24 फरवरी 2021 को कानून और न्याय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने IT हार्डवेयर जैसे tablets, laptops, all-in-one PCs और servers बनाने वाली कंपनियों के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम शुरू की। इसके तहत 7,350 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। इस योजना से जहाँ टेबलेट्स पर 3 हजार करोड़ और लैपटॉप पर 30 हजार करोड़ रुपये की प्रतिवर्ष होने वाली खफत पूरी होगी वहीँ लगभग 2 लाख लोगों को सीधे तौर पर रोजगार भी मिलेगा।

Production Linked Incentive Scheme for Pharmaceutical industry

भारत को दवाइयों के उत्पादन में आत्मनिर्भर और निर्यातक बनाने के लिए PLI Scheme को ड्रग्स और फार्म कंपनियों के लिए भी शुरू किया गया है। इसके तहत 15 हजार करोड़ रुपये का इंसेंटिव दिए जाने का प्रावधान किया गया है।

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