उत्तर प्रदेश में land pooling policy क्या है? जाने पूरी डिटेल हिंदी में

22 सितम्बर 2020 को उत्तर प्रदेश ने land pooling policy को लांच किया था। यह नीति प्रदेश में औद्योगिक विकास और भूस्वामियों को अपनी जमीन का अच्छा लाभ पाने की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। इस लेख में हमने उत्तर प्रदेश की लैंड पूलिंग नीति 2020 के बारे में विस्तार से बताया है –

Land Pooling Policy in Uttar Pradesh

योगी सरकार की लैंड पूलिंग पालिसी से किसानों या भूस्वामियों की स्वेच्छा से नए उद्योगों को लगाने के लिए जमीन लिए जाने में मदद मिलेगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार भूस्वामियों को 5 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रतिमाह के हिसाब से 5 सालों तक मुवाब्जा देगी। साथ ही साथ भूस्वामियों की 25 प्रतिशत विकसित भूमि लाटरी के माध्यम से वापस किया जायेगा।

land pooling policy in uttar pradesh

यूपी सरकार की इस नीति का फायदा वे जमीन के मालिक उठा सकते हैं, जिनके पास सड़क के किनारे या 18 मीटर की निकटम दुरी पर अपनी जमीन उपलब्ध है। औद्योगिक विकास प्राधिकरण की इस नीति के अनुसार भूस्वामियों के जमीन को कम से कम 25 एकड़ के भूखंडों में ही लिया जायेगा।

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सरकार का दावा है की 80 प्रतिशत औद्योगिक विकास लायक जमीन किसानों की सहमती से ली जायेगी। बाकी 20 प्रतिशत जमीन सरकार पुनर्व्यवस्थापन और पुनर्वासन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 व अन्य संवैधानिक तरीके से प्राप्त करेगी।

लैंड पूलिंग पालिसी के अंतर्गत किसान या भूस्वामियों को 5 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रतिमाह मिलने से आमदनी का अच्छा जरिया मिलेगा। और वे प्रदेश के औद्योगिक विकास में भागीदार भी बन सकेंगे।

UP Land Pooling Policy 2020 के उद्देश्य

  • उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में लैंड पूलिंग नीति का उद्देश्य प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध करवाना है।
  • साथ ही साथ राज्य में निवेश की संभावनाओं को सुनिश्चित करना।
  • नए उद्योगों की स्थापना से प्रदेश में रोजगार के नए अवसरों का सृजन करना।
  • भूस्वामियों को अपनी जमीन देने के बदले अच्छी-खासी आमदनी का स्रोत प्रदान करना। साथ ही साथ प्रदेश के विकास में भागीदार बनाना।
  • प्रदेश के पिछड़े जिलों में भी नए उद्योग लगाकर उनका विकास सुनिश्चित करना।

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UP Land Pooling Policy 2020 की खास बातें

  • यूपी लैंड पूलिंग पालिसी किसानों या भूस्वामियों को स्वेच्छा से ही अपनी भूमि सरकार को देने का अधिकार देती है।
  • सरकार इस पालिसी के अंतर्गत सिर्फ 25 एकड़ के भूखंडों को ही लेगी। जो सड़क के आसपास मास्टर या जोनल प्लान के तहत 18 मीटर की निकटम दूरी पर स्थित हों।
  • भूमि के मालिकों को सरकार 5 सालों तक 5000 रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रतिमाह मुवाब्जा देगी।
  • जमीन का 25 प्रतिशत हिस्सा लाटरी के द्वारा भूस्वामियों को वापस भी कर दिया जायेगा। जिसे वह किसी को भी बेच सकेंगे।
  • यूपी औद्योगिक विकास प्राधिकरण के ली गयी जमीन पर 3 सालों के भीतर ले आउट प्लान के तहत विकास कार्य संपन्न करवाने होंगे।
  • इस पालिसी के अंतर्गत जमीन को 5 सालों बाद 90 प्रतिशत की दर पर वापस करने का भी अधिकार दिया गया है।
  • अधिकृत जमीन का 80 प्रतिशत औद्योगिक उपयोग के लिए, 12 प्रतिशत आवास के लिए और 8 प्रतिशत व्यावसायिक उपयोग संभव होगा।

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उत्तर प्रदेश लैंड पूलिंग पॉलिसी के लाभ

  • योगी सरकार की इस पालिसी से प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों को लगाने में मदद मिलेगी।
  • नए उद्योगों के लगने से प्रदेश में लाखों रोजगार पैदा होंगे।
  • किसानों या भूस्वामियों को अपनी भूमि का सही फायदा मिलेगा। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
  • भूस्वामियों के जमीन का 25 प्रतिशत हिस्सा वापस भी दिया जायेगा।
  • जिस क्षेत्र में सरकार इस पालिसी के तहत जमीन लेगी। वहां तेजी से विकास होगा।
  • यूपी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में इस पालिसी के आने से बल मिलेगा।
  • प्रदेश सरकार के इस निर्णय से राज्य का तेजी से विकास संभव हो सकेगा।

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